खूनी साजिश का हुआ पर्दाफाश- बहू कविता ने रची थी अपने ससुर जसवंत शर्मा की हत्या की साजिश, कविता ने प्रेमी इरशाद के साथ मिल कर बुजुर्ग ससुर को मार डाला, ईद के लिए चाहिए था पैसा, दोस्त परवेज, नौशाद और साजिद ने दिया साथ, पढ़िए विस्तृत रिपोर्ट

लखनऊ, उत्तर प्रदेश 18 जुलाई 2022 (नवीन चन्द्र पोखरियाल)
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र के पसौंडा गाँव में रहने वाले 75 वर्षीय बुजुर्ग जसवंत शर्मा की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जसवंत की हत्या उसकी बहू कविता ने अपने बॉयफ्रेंड इरशाद और उसके दोस्तों परवेज, नौशाद एवं साजिद के साथ मिलकर की थी। वह प्रॉपर्टी में हिस्सा नहीं मिलने से नाराज थी।
पुलिस ने रविवार (17 जुलाई 2022) को कविता और उसके प्रेमी इरशाद समेत 4 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इरशाद, नौशाद और साजिद को कोयल एन्क्लेव से गिरफ्तार किया था। एक और आरोपित परवेज को पुलिस ने सोमवार (18 जुलाई 2022) को गोलीबारी के बाद गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, परवेज ने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करते हुए पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान परवेज के पैर में गोली लग गई। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इरशाद ने ईद मनाने के लिए कविता से पैसा माँगा था। इस पर कविता ने अपने पास पैसा न होने की बात कहकर उसे अपने ससुर को मारने का आइडिया दिया था।
साहिबाबाद के सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अभिजीत आर शंकर ने कहा, “परवेज को सोमवार तड़के लोनी रोड के बंथला कैनाल कट के पास एक काले रंग की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल पर देखा गया। जब उसे एक पुलिस चौकी पर रोका गया तो उसने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करते हुए गोलियाँ चलानी शुरू कर दी। अपनी जाँच में हमने पाया कि परवेज टीला मोड़ में हुई घटना के बाद मृतक के बेटे के नाम पर रजिस्टर्ड मोटरसाइकिल से फरार हो गया था।
बहू कविता ने रची थी अपने बुजुर्ग ससुर जसवंत शर्मा की हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक कविता की शादी जसवंत शर्मा के बड़े बेटे से हुई थी। 7 साल पहले उसके पति का देहांत हो गया था। वह शर्मा के दूसरे बेटे पंकज और उसके परिवार समेत अपने ससुराल के पसौदा के एक मकान में रह रही थी। एएसपी (सिटी-2) ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने कहा, “हमारी जाँच में सामने आया है कि मृतक की बड़ी बहू कविता ने अपने प्रेमी इरशाद के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी।”
कविता से पूछताछ करने पर कविता ने कबूल किया कि उसने अपने ससुर की हत्या की योजना बनाना और अपने प्रेमी इरशाद एवं परवेज की मदद से अपराध को अंजाम दिया। कविता ने पुलिस को आगे बताया कि उसके पति की मौत के बाद उसके ससुर का व्यवहार बदल गया था। वह इससे खुश नहीं थी। 2 साल पहले उसकी मुलाकात एक टैक्सी ड्राइवर परवेज से हुई थी। मगर एक मामले में परवेज को जेल भेज दिया गया था। उस दौरान परवेज का मोबाइल इरशाद इस्तेमाल कर रहा था। कविता इस नंबर पर इरशाद से बात करने लगी और उसके प्यार में पड़ गई। वे 2 साल से अधिक समय से रिलेशनशिप में हैं।
ससुर जसवंत को जब कविता और इरशाद के बीच लगातार मुलाकातों के बारे में पता चला तो उन्होंने इसका विरोध किया। उसने दावा किया कि जसवंत ने उसे पैसा देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि उसे पारिवारिक संपत्ति में कोई हिस्सा नहीं मिलेगा।
पुलिस ने अपनी जाँच में पाया कि 14 जुलाई और 15 जुलाई की रात को चारों युवक परवेज, इरशाद, नौशाद और साजिद जसवंत के घर पहुँचे, जहाँ कविता ने ताला खोलकर उन्हें अंदर घुसाया। जब जसवंत ने शोर मचाया, तो उन्होंने उसे बिस्तर से बाँध दिया और उसे पीट-पीट कर मार डाला। इतना ही नहीं, इसे लूटपाट का मामला दिखाने के लिए कविता ने अन्य आरोपितों से खुद को बँधवा लिया था। इसके बाद अन्य आरोपित लूटपाट कर घटनास्थल से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, कविता ने शुरू में आरोप लगाया कि जब वह उठी तो उसने देखा कि उसके हाथ और पैर बँधे हुए हैं। उसने कहा कि उसे नहीं पता कि जब वह सो रही थी तब क्या हुआ।
मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कविता के बेटे तुषार ने पुलिस को बताया कि कुछ लुटेरे घर आए थे और उसे बंदूक की नोक पर दूसरे कमरे में ले गए। उन्होंने एक लाख के जेवर चुराए और 7500 रुपए नकद ले गए। एसएसपी मुनिराज ने बताया कि तुषार ने दोपहर करीब दो बजे 112 पर फोन किया था। पुलिस जब घटना स्थल पर पहुँची तो उन्हें जसवंत का शव मिला।
पंकज ने कविता के खिलाफ दर्ज कराया केस
जब घटना हुई उस वक्त जसवंत का छोटा बेटा पंकज घर पर नहीं था। कविता ने उसे फोन किया था और जल्द से जल्द लौटने को कहा था। जब पंकज वापस आया और पूरी बात सुनने के बाद उसने कविता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई क्योंकि उसे उसके घटना में शामिल होने का संदेह था।
पंकज की शिकायत के आधार पर आरोपित के खिलाफ धारा 394 और 302 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके अलावा, बाद में एफआईआर में आईपीसी की धारा 457, 396, 120 बी, 34 और 412 को जोड़ा गया।
उसने अपनी शिकायत में कहा था कि कुछ अज्ञात लोग जबरूदस्ती उसके घर में घुसे थे। उन्होंने जसवंत को बाँध दिया और बुरी तरह पीटा। पिटाई के दौरान लगी चोट के कारण जसवंत ने दम तोड़ दिया। घटना के समय कविता भी घर में मौजूद थी और उसने दावा किया कि उसके ससुर की हत्या करने वाले लोगों ने गहने और नकदी ले ली। हालाँकि, जाँच के दौरान, पुलिस ने पाया कि जबरन अंदर घुसने के कोई संकेत नहीं थे।
सिम कार्ड ने मामले को सुलझाने में पुलिस की मदद की
जाँच के दौरान पुलिस को कविता के कमरे में एक सिम कार्ड मिला। जब कविता से इस बारे में पूछा गया तो उसने इसके बारे में किसी तरह की जानकारी होने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने नंबर की कॉल डिटेल निकाली तो पाया कि घटना की रात एक नंबर पर कई बार कॉल किया गया था। इसी कॉल डिटेल हत्या में कविता की भूमिका का खुलासा हुआ।
गाजियाबाद पुलिस ने बताया कि आरोपितों के पास से चूड़ियाँ, बालियाँ, दो सोने के सिक्के, मंगलसूत्र, 5600 रुपए नकद, तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इसके अलावा पुलिस ने परवेज के पास से एक अवैध 315 बोर की पिस्तौल, जिंदा कारतूस, एक बाइक और कुछ जेवर भी बरामद किया है।